Friday, November 11, 2022

ऑनलाइन शॉपिंग

ऑनलाइन शॉपिंग 

        ऑनलाइन शॉपिंग वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत उपभोक्ता इंटरनेट (ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म, मोबाइल एप्स या वेबसाइटों) के माध्यम से वस्तुएँ एवं सेवाएँ खरीदते हैं। इसमें उपभोक्ता को दुकान या बाज़ार में प्रत्यक्ष उपस्थित हुए बिना ही चयन, ऑर्डर, भुगतान और डिलीवरी की सुविधा मिलती है। इसे ई-कॉमर्स (E-commerce) का प्रमुख स्वरूप माना जाता है।

विद्वानों के विचार

  1. Kotler & Armstrong (2021),  “Online shopping is a form of electronic commerce where consumers directly purchase goods or services from a seller over the Internet without an intermediary physical store.” (ऑनलाइन शॉपिंग इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स का वह रूप है जिसमें उपभोक्ता इंटरनेट के माध्यम से बिना किसी भौतिक स्टोर के सीधे विक्रेता से वस्तुएँ अथवा सेवाएँ क्रय करते हैं।)
  2. Laudon & Traver (2020),  “It is a digital marketplace activity enabling consumers to compare, select and buy products globally, breaking the constraints of time and geography.” (यह एक डिजिटल बाज़ार गतिविधि है जो उपभोक्ताओं को समय और भौगोलिक सीमाओं को तोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर उत्पादों की तुलना, चयन और क्रय करने में सक्षम बनाती है।)
  3. UNCTAD (संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन, 2019), “Online shopping represents a transformative shift in consumer behavior, fostering convenience, transparency and competition.” (ऑनलाइन शॉपिंग उपभोक्ता व्यवहार में एक परिवर्तनकारी बदलाव को दर्शाती है, जो सुविधा, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है।)
  4. भारत के वाणिज्य मंत्रालय की ई-कॉमर्स रिपोर्ट (2022), “ऑनलाइन शॉपिंग उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प, प्रतिस्पर्धी मूल्य, तथा सुरक्षित भुगतान व्यवस्था उपलब्ध कराती है, जिससे उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण भी होता है।”

ऑनलाइन शॉपिंग केवल खरीद-फ़रोख़्त की तकनीक नहीं है बल्कि आधुनिक उपभोक्ता संस्कृति और डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। यह समय, दूरी और संसाधनों की बचत के साथ-साथ उपभोक्ताओं को वैश्विक बाज़ार से जोड़ती है।

ऑनलाइन खरीदारी की परिभाषा :
      "ऑनलाइन खरीदारी इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स का एक रूप कहा जा सकता है। जो उपभोक्ताओं को एक वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल द्वारा इंटरनेट पर विक्रेता से सीधे सामान या सेवाओं को खरीदने की अनुमति देता है। उपभोक्ताओं को रिटेलर की वेबसाइट पर सीधे या एक शॉपिंग सर्च इंजन द्वारा रुचि के अनुसार उत्पाद मिलते है। उपभोक्ता एक श्रृंखला का उपयोग करके ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं।"
आम बोल-चाल की भाषा में:
        अगर हम आम बोलचाल की भाषा में बात करें तो, घर बैठे हम इंटरनेट की मदद से कोई भी सामान घर मांगा सकते है बिना कही जाये उसे कहते है, ऑनलाइन शॉपिंग। आजकल इंटरनेट पर इतनी ऑनलाइन साइट्स लांच हो गई है, तो आपके पास शॉपिंग के लिए बहुत सारे ऑप्शन है। अब बात हो ऑनलाइन शॉपिंग की हो ही रही है तो हम Business from Consumer (B2C) और Business-to-Business (B2B) शॉपिंग की बात भी करेंगे।
ऑनलाइन शॉपिंग का इतिहास  
    ऑनलाइन शॉपिंग की शुरवात 1979 मे माइकल आल्डरिच ने की । उन्होने इसके लिए टेलीविज़न का इस्तेमाल किया तथा टीवी पर चिजे देखकर ग्राहक अपना ऑर्डर टेलीफ़ोन के मध्यम से दे सकते थे। मार्च सान 1980 मे उन्होने redifon’s office revolution की शुरवात की जिसके जरिये consumer, कस्टमर, एजेंट, डिस्ट्रीबूटर, सप्लायर्स तथा सर्विस कपनीस आपस मे ऑनलाइन कनैक्ट हो सकती थी। पहले word wide web सर्वर तथा ब्राउज़र टिम बुरनेर्स ली के द्वारा 1990 मे बनाया गया। तथा इसका ओफ़्फ़िशियल यूस 1991 मे हुआ।
    इस टीवी मे Prestel नाम की एक सर्विस दी जानी थी यह ब्रिटेन की एक पोस्ट ऑफिस की एसी सेर्विस थी जो लोगों को Telephone line के द्वरा टीवी पर ही सारी जानकारी देने वाली थी वही इसे हम आज के दौर मे एक मिनी इंटरनेट भी कह सकते है.
        ऑनलाइन शॉपिंग की सुरुवात सन 1979 मे माइकल एल्ड्रिच द्वारा कीया गया था जिन्हे हम ऑनलाइन शॉपिंग के क्रीएटर मानते है और Online Shopping की निव इन्होंने ही रखा था।
माइकल एल्ड्रिच एक ब्रिटिस्ट Inventor ,Innovator और Entrepreneur और वह Redifon Computers नामक कंपनी मे काम करते थे जो की एक UK Rediffusion Group Of Companies का हिसा हुआ करता था। उस वक कोई भी Online Shopping जैसी चीजों को जनता तक नहीं था और नहीं इसके लिए कोई प्राप्त टेक्नॉलजी मौजूद हुआ करता था और नहीं इंटरनेट का अविस्कार हुआ था।
        माइकल को उस वक्त इसमे कोई भी फायदा नहीं सुझा वही उनके कंपनी के एक इंजीनियर ने इसपर रिसर्च जारी रखा वही कुछ समय बाद माइकल और उनकी टीम ने इस टीवी ने एक कंट्रोलर को जोड़ा जिसके मदद से कंप्युटर और टीवी आपस मे संवाद कर सकते थे. वही रियल टाइम ट्रैन्सैक्शन करने मे भी सक्षम हुआ करता था और इस नई कंपनी को माइकल और उनकी टीम मे Video Tex क नाम दिया था वही क्यू की उस वक्त किसी भी आम लोगों के पास कंप्युटर नहीं होने के कारण यह तकनीक बाजार मे हड़कंप ला सकता था. वही इसके बाद इन्होंने बड़े बड़े corporation को इसके बारे मे बताना सुरू कीया की कैसे वे अपने ग्राहक और बिजनस पार्टनर से इस प्रभावी तरीके से खरीद बिक्री कर सकते है.वही कुछ दिनों बाद माइकल मे इस कंपनी को Online Shopping के लिए सोचा. जिसके बाद उन्हों ने इस विचार को यूजर के सामने रखा जिसमे उन्होंने ने यूजर को इसमे रुचि देखने को मिला वही अप्रैल सन 1980 को इसे लौंच कीया गया जिसके बात बहुतों को इसे समझने मे परेसानी हो रही थी. जिसके बाद जुलाई सन 1980 को इसे दुबारा लौंच कीया गया जिसके बाद इन्होंने इसकी मार्केटिंग सुरू की जिसके बाद इनके टीम को बड़े बड़े प्रोजेक्ट मिलने सुरू हो चुके थे
        जिसमें Corporations और Institute सीधे अपने एजेंट से फोन कर Online ही खरीद बिक्री कर सकते थे जिसे उस वक्त B2B Online Shopping कहा गया वही अगले दस वर्षों तक इस कंपनी को काफी सफलता हासिल हुई. फिर आगे चलकर 1990 मे इंटरनेट के आने से इस कंपनी को बंद करना पड़ा Video Tex ने Online Shopping का बड़िया सोशल एमपेक्ट छोड़ा था जिसके कारण Online Shopping मे बदोतरी होनी सुरू हुई.
        आज चाहे टीवी के शो देखना हो या फिर कोई फिल्म सभी इंटरनेट के माध्यम से अपने लैपटॉप या कंप्युटर इत्यादि पर देख पाते है वही आज के दिनों मे इंटरनेट का उपयोग Online Shopping के लिए भी कीया जा रहा जहां रोजाना लाखों लोग घर बैठे अपने मन पसंद सामान की खरीददारी Online करते है.
        किसी भी प्रकार के सामान या वस्तु को इंटरनेट के जरिए खरीदने को हम ऑनलाइन शॉपिंग कहते है जीसमें आप किसी भी प्रकार के e commerce website या एप जैसे Flipkart ,Amazon ,Snapdeal ,Paytm mall ,Indiamart इत्यादि से खरीददारी कर सकते है.
        Online Shopping आप दुनिया के किसी भी कोने मे बैठ कर कर सकते है बस आपका डिवाइस इंटरनेट से जुड़ा होना चाहिए वही Online Shopping के जरिए हम किसी भी प्रकार के वस्तु जैसे Alexa डिवाइस ,Bluetooth ,NFC टैग ,टीवी ,वाशिंग मसीन ,कपड़े ,स्मार्टफोन ,Laptop, Storage Device ,Books ,Microphone इत्यादि खरीद सकते है.
        वही Online Shopping के जरिए आप अपने घर तक सामान की delivery पा सकते है वही सामान पसंद ना आने पर आप उसे वापस भी कर सकते वह भी घर बैठे जिसके लिए आपको return का विकल्प भी दिया जाता है.
Online Shopping के दौरान आपको वही सभी सामन मिलते जो आप अपने Offline दुकानों मे देखा हुआ होता बस फरक इतना होता है जी Offline shopping के लिए आपको किसी भी मॉसम मे चलकर बाजार को जाना पड़ता है और दुकाने सीमित समय के लिए खुलते है वही Online shopping आप किसी भी समय कर सकते चाहे वह रात हो या दिन.
क्या है, यह Business from Consumer (B2C) शॉपिंग ?
        अगर आप कोई भी प्रोडक्ट किसी भी साइट पर देख कर आर्डर प्लेस करते है और कंपनी डायरेक्ट आप तक सामान पंहुचा देती है। इसे हम Business to Consumer (B2C) शॉपिंग कहते है। अगर हम बात करे Business to Business (B2B) शॉपिंग की तब हमे थोड़ा डिटेल में जानना होगा। होता यह है कि जब भी कोई ऑनलाइन साइट लांच की जाती है, तो उसे अन्य Business से जोड़ा जाता है। जिससे सामान खरीद कर कस्टमर तक पहुंचाया जा सके इसे हम B2B शॉपिंग कहते है। हम इसे ऐसे समझे जब हम किसी साइट पर कोई प्रोडक्ट आर्डर प्लेस करते है तब वह साइट प्रोडक्ट किसी स्टोर से लेकर हम तक पहुँचती है। इस साइट्स का खुद का कोई स्टोर नहीं होता है ये कई स्टोर्स से टाईअप करके रखती है, और जब भी इनके पास कोई आर्डर आता है तब वह उसे वहाँ से कस्टमर तक पहुंचा देती है।
Online Shipping पर हम क्या-क्या- खरीद सकते हैं 
        यदि हम बात करे ऑनलाइन शॉपिंग तो ऑनलाइन शॉपिंग को मॉर्डन शॉपिंग के नाम से भी जाना जाता है जहां हम दुनिया भर की चीजे किसी भी ई कॉमर्स वेबसाईट पर देख सकते है। आज लोग जिस तरह ऑनलाइन शॉपिंग का लुफ़त घर बैठे उठा रहे यह जाहीर करता है की लोगों को यह कितना भा रहा है.
        Online Shopping के जरिए हम हम अपनी जरूरत की हर चीजे खरीद सकते है जैसे कपड़े ,लड़कियों के कपड़े ,बच्चों के कपड़े ,ग्रॉसरी के चीजे ड्राई फूड्स ,एलेक्ट्रॉनिक के आइटम जैसे टीवी ,कूलर ,वाशिंग मशीन ,ट्रिमर ,सोफ़ा सेट ,दीवान ,मेकप से जुड़ा सामान, ज्वेलरी चाहे वह आर्टफिशल हो या सोने के हर चीजे हम ई कॉमर्स वेबसाईट के जरिए खरीद सकते है वही इसके साथ साथ आजकल तो कई ऐसी वेबसाईट या एप लौंच हो चुकी है जिसके जरिए हम अब घर बैठे दवा इत्यादि भी खरीद सकते है.वही जो लोग ऑनलाइन शॉपिंग को पसंद करते वो लोग ज्यादातर स्मार्टफोन ,इयरफोन ,चार्जर इत्यादि ऑनलाइन ही खरीदना जयद पसंद करते हैवही इसके अलावा आप अपने बिजनस से जुड़े सामान भी थोक दामों पर पा सकते है ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए जैसे उदाहरण है इंडिया मार्ट ,आली बाबा इत्यादि.
 Online Shopping के फायदे 
        Online Shopping क्या है ?/Online Shopping Kya Hai और Online Shipping पर हम क्या-क्या- खरीद सकते हैं यह हमने जाना पर क्या आप जानते Online Shipping किसी तरह आपको ऑफलाइन मार्केट से ज्यादा फाएदा का सौदा देता नहीं तो बस अभी जानते है. ऑफलाइन मार्केट के तरह धीरे धीरे Online मार्केट मे भी competition बढ़ता जा रहा है ऐसे मे हर कंपनी चाहते है उनके पास ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आए इस करण ग्राहकों को लुभाने के लिए यह ई कॉमर्स वेबसाईट समय समय पर आपके लिए बेहतरीन डील लाते है जिसमे कुछ कुछ वस्तुवों के दाम आधे से भी ज्यादा हो जाते है.
        वही इसके अलावा आप Online Shipping के दौरान डिस्काउंट कूपन लगा सकते जिसमे आपको काफी फाइदा होता है इसके आलवा कई पेमेंट एप जैसे Paytm ,Phonepe ,Google Pay (UPI)इत्यादि आपको अपने सर्विस के द्वारा भूकतान करने पर कैश बैक देते है इसके अलावा आपको कई कूपन प्रवाइड करते है.
        वही Online Shipping 24*7 सभी के लिए खुला रहता जिसके करण आप रात सवेर सब चाहे शॉपिंग कर सकते वही आप जब चाहे बी हिचक काभी भी जितना चाहे उतना समान को सर्च कर देख सकते है वही वस्तु खरीदना ना खरीदना आपके ऊपर है आप यहाँ आजाद है.
        किसी वस्तु के पसंद आ जाने पर आप उसे कार्ट मे कितने भी समय के लिए रख सकते है वही आपके पास कोई गलत समान आ गया हो तो आप उसे तय समय के अंदर वापिस या बदल सकते है.
        Online Shipping आपको Online या COD दोनों विकल्प पेमेंट करने के लिए प्रवाइड करता है वही इसके अलावा किसी किसी वेबसाईट पर आपको पेलेटर का विकल्प भी मिल जाता है इसके अलावा Online Shopping के कई फायदे है जिसे आप स्तेमाल करने पर समझ जाएंगे.
Online Shopping के नुकसान
        यह तो हम सभी जानते हर कुछ के अपने फायदे और नुकसान होते है तो इसी प्रकार Online Shopping के भी कुछ नुकसान है जो आपको काभी सामना करना पद सकता है जैसे Online Shopping मे पेमेंट करते वक्त आपको अपने समान के दाम के अलावा deliver चार्ज भी देना होता है. वही भारत मे ऐसे बहुतों जगह है जहां आपका समान deliver नहीं होता यानि वह पिन कोड डिलिवर के लिए उपलब्ध नहीं होता है जिसके जरिए आप चाह कर भी शॉपिंग नहीं कर पाते. सामन की delivery काभी काभी तय समय से लेट हो जाती है जिसके लिए आपको ईमर्जन्सी मे परेसानी का सामना करना पड़ सकता है. यह जरूरी नहीं की आपको तस्वीर मे जो समान दिख रहा वह हमेसा हूबहू ही पहुचे इसमे काभी काभी गलती से फेर बदल भी हो सकता हलाकी आप इसे वापिस कर सकते है.
कई बार बहुतों को Online Shopping की लत सी लग जाती है जहां फिजूल खर्च बड़ जाता है.
        ऐसा तो बहुत कम होता पर इसमे कई लोग फोर्ड का सिकार भी हो जाते है. Online shopping के लिए इंटरनेट होना जरूरी है यदि आप एसा जगह पर रह रहे हो जहां इंटरनेट ना हो तो आप इसका उपयोग नहीं कर सकते है.
ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करते हैं
        Online Shopping Kya Hota Hai या Online Shopping Kya Hai यह आपने जाना अब हम जानते है आखिर ऑनलाइन शॉपिंग कैसे कर सकते है या गूगल हम ऑनलाइन शॉपिंग कैसे कर सकते हैं? तो Online Shopping करने के लिए आप अपने मन पसंद या विसवासी ई-कॉमर्स वेबसाईट को सर्च इंजन पर सर्च करे। इसके अलावा आप Online Shopping एप जैसे Amazon ,Flipkart ,Myntra इत्यादि को अपने स्मार्टफोन मे इंस्टॉल कर सकते जो आपको Android ,iOS और Windows तीनों के लिए उपलब्ध मिलता है.
        एप को खोलने के बाद वहा आप अपना मोबाईल नंबर ,User name या ईमेल से खाता बनाए जो आपको बाद मे Login करने के काम आ सकता है इतना करना के बाद आप My Account के विकल्प मे अपना प्रोफाइल बनाए जिसमे आप अपना पता मोबाईल नंबर इत्यादि जोड़ सकते है
        इसके आपको ऊपर के तरह Search का विकल मिलता है जहां से आप अपने मन पसंद वस्तु को सर्च कर उसके बारे मे जान सकते है वही उसकी तस्वीरे देख सकते है. वस्तु को खोले वहाँ आपको दो विकल्प देखने को मिलता है ADD TO CART और BUY NOW यदि आप उस समान को बाद मे ऑर्डर करना चाहते है तो ADD TO CART पर क्लिक करे वही तुरंत ऑर्डर करने हेतु BUY NOW पर जाए. यहाँ आपको आपका बिल डिटेल देखने को मिलेगा उसके बाद आप यहाँ अपना पता डाले जहां आप यह सामान मंगाना चाहते है सब कुछ ठीक पाने पर CONTINUE करे. पेमेंट विकल्प चुने जैसे Gift card ,Net Banking ,Debit Card, COD ,Credit Card इत्यादि मे आप जिस भी मोड से भूकतान करना चाहते है. यदि आप UPI से भुगतान चाहते है तो UPI को चुने और समान पाने समय घर पर भूकतान करना कहते है तो COD चुने. पेमेंट करने के बाद पाक ऑर्डर कनफर्म कर लिया जाएगा आप उसे बाद मे कैन्सल भी कर सकते है इसके अलावा MY ORDER मे जाकर इसे ट्रैक भी कर सकते है. 
यह कुछ एप या वेबसाईट के नाम है जो की भारत मे मशहूर है इन सभी वेबसाईट या एप इंस्टाल कर आप लॉगिन कर ऑनलाइन शॉपिंग का लुफ़त उठा सकते है।
Online shopping apps in India
  1.     Amazon
  2.     Flipkart
  3.     Myntra
  4.     Ajio 
  5.     Snapdeal 
  6.     Pharmeasy 
  7.     BigBasket 
  8.     TATA CLiQ 
  9.     Paytm Mall 
  10.     1mg
  11.     Shopclues
  12.     Dominos
  13.     Indiamart
  14.     Bewakoof
  15.     LimeRoad
क्या हैं ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे और नुकसान?
        आधुनिक युग का एक और नमूना है ऑनलाइन शॉपिंग, जिसमें ग्राहक को वस्तु लेने नहीं जाना पड़ता बल्कि वस्तु ग्राहक के दर तक खुद पहुंचती है। कोई भी जरूरत मंद चीज़ क्यों न हो चाहे फिर वह रसोई का सामान हो या फिर आपके दफ्तर से जुड़ी सामग्री।
ऑनलाइन मार्केट में सब कुछ मौजूद है। लोग इस सुविधा का भी बेहद लाभ उठा रहे हैं। जिस प्रकार हर चीज़ के फायदे नुकसान होते हैं ठीक उसी प्रकार ऑनलाइन शॉपिंग के भी बहुत से फायदे एवं नुकसान हैं। जो कुछ इस प्रकार हैं:
ऑनलाइन खरीदारी के फायदे
सुविधाजनक:
        ऑनलाइन शॉपिंग बेहद सुविधा देने वाली होती है आप ने बस अपने घर में बैठे बैठे फोन पर उँगलियाँ घुमानी हैं और अपने मतलब का सामान आर्डर करना हैं। इसके बाद फिर ना तो आपको भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ेगा ना ही मौसम की मार झेलनी पड़ेगी। कुछ ही समय में आपकी वस्तु आपके पास आसानी से पहुंच जाएगी।
अतुलनीय ऑफर एवं डिस्काउंट:
        किसी भी व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा ना हो ऐसा मुमकिन नहीं है। इसी कड़ी में ऑनलाइन बाज़ार में भी भारी मुकाबला मौजूद होता है। यहां बड़े बड़े बाज़ार होते हैं जो ग्राहकों को अपनी और आकर्षित करने के लिए बहुत अच्छे ऑफर प्रदान करते हैं साथ ही वस्तुओं के ऊपर डिस्काउंट भी देते हैं। ये ऑफर आपको ज्यादातर त्योहारों के दौरान मिलते हैं। इन ऑफर्स के पीछे व्यापारियों के अनेक कारण हो सकते हैं। पर अंत में इनका लाभ तो ग्राहकों को ही मिलता हैं।
उत्पादों में विविधता:
        ऑनलाइन बाज़ारों में किसी भी उत्पाद में विविधता देखने को मिल जाएगी फिर वह चाहे सुईं से लेकर हाथी के आकार की चीज ही क्यों ना हो।
        ग्राहक अपनी जरूरत से संबंधित अपने सामान का चुनाव कर सकता है। हर सामान के बारे में सारी जानकारी आसानी से ऑनलाइन ही प्राप्त हो जाती है। जिससे ग्राहक आसानी से दो वस्तुओं के बीच विभिन्नता और गुणवत्ता की ध्यान से जांच पड़ताल कर लेता है।
पुराने सामान भी मौजूद:
        कई लोग अपनी पुरानी वस्तुएँ जो उनके किसी काम की नहीं है उसे बेचने का विचार करते हैं तब उस परीस्थिति में वह ऑनलाइन अपने सामान को बेच सकते हैं।
उस पुराने सामान को खरीदने वाले भी आसपास के बहुत से लोग होते हैं। जो ऑनलाइन ही उस वस्तु की जानकारी प्राप्त करने के बाद उस पुरानी वस्तु को बिलकुल उचित दाम के साथ खरीद लेते हैं।
आम दुकानों में न मिलने वाला सामान है ऑनलाइन:
        कुछ ऐसी वस्तुएं होती हैं जो कि आपको आम गली मोहल्ले की दुकानों में नहीं मिलती पर ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से आप वह वस्तु खरीद सकते हैं। यहां अनेक बड़े बड़े बाज़ार हैं जिनके पास हर प्रकार की वस्तु मिल जाती है।
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कुछ वेब साइट्स काफी प्रसिद्ध हैं जैसे, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील आदि।
उपलब्धता
        मॉल 365 x 24 x 7 पर खुला है। इसलिए, विक्रेता और खरीदार कहीं भी हों, समय एक बाधा के रूप में कार्य नहीं करता है।
ऑनलाइन ट्रैकिंग
        ऑनलाइन उपभोक्ता ऑर्डर की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं और शिपिंग की डिलीवरी स्थिति ट्रैकिंग भी उपलब्ध है।
ऑनलाइन शॉपिंग पैसे बचाता है
        ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी के लिए आकर्षित करने के लिए, ई-रिटेलर्स और मार्केटर्स ग्राहकों को छूट प्रदान करते हैं क्योंकि उन्होंने रियल एस्टेट और रखरखाव लागत में कटौती की है, विक्रेता भारी छूट देने से पीछे नहीं हटेंगे
ऑनलाइन शॉपिंग से समय की बचत होती है
        ग्राहकों को उनके द्वारा खरीदे गए उत्पादों के भुगतान के लिए कैश काउंटरों में कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने घर या कार्यस्थल से खरीदारी कर सकते हैं और उन्हें यात्रा करने में समय नहीं लगाना पड़ेगा।
तुलना
        ऑनलाइन उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला है। विक्रेता अपने पास मौजूद सभी सामानों को प्रदर्शित करते हैं। यह प्रदर्शन पर उत्पादों की फिनिश, सुविधाओं और कीमत की तुलना करने के बाद खरीदारों को विभिन्न मॉडलों में से चुनने में सक्षम बनाता है।
ऑनलाइन खरीदारी क्यों करें
  • समय और प्रयास बचाता है।
  • घर बैठे खरीदारी की सुविधा।
  • उत्पादों की विस्तृत विविधता/श्रेणी उपलब्ध है।
  • अच्छी छूट / कम कीमत।
  • उत्पाद के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
  • हम विभिन्न मॉडलों/ब्रांडों की तुलना कर सकते हैं।
खरीदारी का कोई दबाव नहीं
·         आम तौर पर, भौतिक दुकानों में, बिक्री प्रतिनिधि उत्पाद खरीदने के लिए खरीदारों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान, आप अपनी इच्छानुसार करने के लिए स्वतंत्र हैं।
रोजगार के अवसर :
ऑनलाइन शॉपिंग की प्रोसेस पूरी करने के लिए कई लोगो की आवश्यकता होती है। इन आवश्यकताओं को पूरा करने के बहाने लोगो को रोजगार के अवसर मिलते है। जैसे कि....
  • अगर आपको किसी साईट से जुड़ी कोई जानकारी चाहिये हो या कोई गलत सामान आ जाने पर समस्या का समाधान चाहिए हो, तो कस्टमर तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए कस्टमर केयर खोले जाते है।
  • आपका सामान आप तक पहुंचाने के लिए कंपनियां लोगो को अपॉइंट करती है जिन्हे डिलेवरी बॉय भी कहा जाता है।
  • सामान की पेकिंग होना या B2B द्वारा डिलेवरी बॉय तक पहुँचना हर प्रोसेस को पूरा करने के लिए कई लोगो की आवश्यकता होती है। जिससे लोगो को रोजगार के अवसर प्राप्त होते है।
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन बातो का रखे ध्यान:


  • धोखा-धड़ी से बचे- आजकल लगातर बहुत से ऑनलाइन शॉपिंग में फ्रॉड की खबरे सुनने में आ रही है। अगर आप इन फ्रॉड से बचना चाहते है तो, आप केवल किसी भी सामान की फोटो देख कर ही उसका चुनाव न करे उससे जुड़ी हुई सारी जानकारी को पूरी तरह पढ़े और फिर ही आर्डर प्लेस करे।
  • यदि किसी कंडीशन में आपके पास गलत सामान पहुंच भी गया हो, तो आप उसे दी हुई समय सीमा के अंदर ही वापिस कर दे या बदल ले जिससे आपको नुकसान न उठाना पड़े।
  • पेमेंट करते समय अगर आप कैश ऑन डिलेवरी(COD) के अलावा अन्य कोई चुनाव करते है तो आप इस बात का ध्यान रखे की आपकी ट्रांजेक्शन से जुड़ी जानकारी आप किसी को न दे । नहीं तो आपकी जानकारी लीक होने से बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। डेबिट व क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते समय अपनी सूचना वेबसाइट पर कभी भी सेव ना करे । आप कोशिश करे कि हमेशा HTTPS (Hyper Text Transfer Protocol Secure) सर्वर पर ही भुगतान करें क्योंकि यह आपके लिए सेफ होता है।
  • एक जैसे नाम वाली नकली कंपनियों से बचे। कई बार नई वेबसाइट आपको अधिक डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स का लालच देती है। जिससे आप आसानी से उनका निशाना बन जाते है ऐसी कंपनिया कसी भी तरह का फ्रॉड कर सकती है जैसे की आपका डाटा चोरी कर लेना या नकली सामान पंहुचा देना। आप हमेशा कोशिश करे की उन साइट्स का ही चुनाव करे जिनसे आप पूरी तरह फेम्लियर हो । इसके अलावा फ्री ट्रायल अथवा फ्री गिफ्ट के चक्कर में न पड़े।
क्या है सही तरीका ऑनलाइन शॉपिंग का :
  • Step 1: सर्व प्रथम आपको मार्केट में उपलब्ध किसी भी एक शॉपिंग साईट का चुनाव करना होगा।
  • Step 2 : अब आपको उस साइट में अपना अकाउंट बना कर उसमे लॉगिन करना होगा।
  • Step 3 : लॉगिन करने के बाद आप अलग अलग सेगमेंट में जाकर अपने पसंद के प्रोडक्ट का चुनाव कर सकते है।
  • Step 4 : चुनाव करने के बाद आपको सावधानी पूर्वक पेमेंट की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। आप पेमेंट के लिए कैश ऑन डिलीवरी(COD) के अलावा ATM, क्रेडिट-डेविट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य किस वॉलेट का इस्तेमाल भी कर सकते है।
ऑनलाइन शॉपिंग के कुछ नुकसान भी हैं जिनका वर्णन इस प्रकार है –
ऑनलाइन वस्तु पर लगता है शिपिंग चार्ज:
        कभी कभी ऑनलाइन सामान खरीदने पर कुछ ऑनलाइन बाज़ार वस्तु के ऊपर जरूरत से ज्यादा शिपिंग चार्ज लगा देते हैं। जिसका मूल्य वस्तु के मूल्य से भी ज्यादा का होता है। इसे ऑनलाइन बाज़ार का एक लूटने का तरीका भी कहा जा सकता है। ये चार्ज अविश्वसनीय होता हैं।
खुद के स्पर्श और ना देखने में कमी:
        अगर कोई भी ग्राहक ऑनलाइन सामान खरीदता है। वह केवल वस्तु को फ़ोन में आर्डर करते समय देख पाता है। व्यक्ति वस्तु की गुणवत्ता और मात्रा का अंदाज़ा नहीं लगा सकता जिसके कारण कभी कभी ग्राहकों को ज्यादा पैसे में बेहतरीन सामान प्राप्त नहीं होता है। पैसे देने से पहले ना तो वास्तव में वस्तु को छुआ जा सकता और ना ही उसे आँखों से देखा जा सकता है।

डिलेवरी में देरी

        लंबी अवधि और उचित इन्वेंट्री प्रबंधन की कमी के कारण शिपमेंट में देरी होती है। हालांकि किसी ऑनलाइन उत्पाद को चुनने, खरीदने और भुगतान करने में 15 मिनट से अधिक समय नहीं लग सकता है; ग्राहक के दरवाजे तक उत्पाद की डिलीवरी में लगभग 1-3 सप्ताह लगते हैं।
ऑनलाइन दुकानों में महत्वपूर्ण छूट का अभाव
        ऑनलाइन स्टोर की तुलना में भौतिक स्टोर महत्वपूर्ण छूट देने का दावा करते हैं, यह पुरानी पीढ़ी के लिए एक बड़ा नुकसान है।
ऑनलाइन शॉपिंग में धोखा:
        आज अधिकतर लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं जिसके लिए वह इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं पर बता दें कि कुछ ही वेब साइट्स ऐसी हैं जो असली सामान को बेचती हैं।
        इंटरनेट पर ज्यादा तर फेक वेब साइट्स हैं जो वस्तु के मूल्य को कम बताती हैं और ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इस लालच में कई लोग फस जाते हैं और परिणामस्वरूप वह ऑनलाइन धोखे का शिकार हो जाते हैं।

वस्तु में देरी:
        ऑनलाइन शॉपिंग में यह सबसे ज्यादा समस्या देखी जाती है। आपको जिस वस्तु की जरूरत है वह कम से कम आप तक तीन से चार दिन तक पहुंचती है। जिसके कारण ग्राहकों को वस्तु को प्राप्त करने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।
        साथ ही कभी कभी कुरिअर देने वाले को आपका पता ही नहीं मिलता या फिर ग्राहक अपने दिए हुए पते पर उस समय नहीं मिलता। जिस से आपका सामान आप तक देरी से पहुंचता है।
आम दुकानदारों को घाटा:
        आज ऑनलाइन बाज़ार हर घर में काफी प्रचलित है। देखा जा रहा है कि हर परिवार से कुछ न कुछ वस्तु ऑनलाइन ही खरीदी जा रही है पर इसका भारी नुकसान गली मोहल्ले में बैठे आम दुकानदारों को झेलना पड़ रहा है।
        लोग अपनी जरूरत का ज्यादातर सामान ऑनलाइन ही खरीद लेते हैं। जिसके कारण बाज़ार में बैठे दुकानदारों का रोज़गार खत्म होने लगा है और अगर उनके पास कोई ग्राहक चला भी जाये तो लोग उनके सामान के मूल्य की तुलना ऑनलाइन मूल्य से करने लगते हैं जिससे दूकानदार को अपनी वस्तु घाटे में बेचनी पड़ती है।
ऑनलाइन शॉपिंग के लिए सिम्पल स्टेप्स  (Online shopping in Hindi):
अपना शॉपिंग का समय निर्धारित करे :

            ऑनलाइन शॉपिंग का सबसे अच्छा फायदा यही है की आप अपने समय के अनुसार शॉपिंग कर सकते है । परंतु ऑनलाइन शॉपिंग मे किसी भी वस्तु की डिलेवरी सबसे जल्दी शॉपिंग के दूसरे दिन तक मिल सकती है और यह टाइम आपके शॉपिंग करने के दो घंटे बाद से स्टार्ट होता है । अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते है तो वस्तु की घर तक डिलिवरी के लिए चार्ज साइट पर साफ साफ डिक्लेयर किए जाते है तो यह कस्टमर को पहले ही कन्फ़र्म कर लेना चाहिए की उसे डिलिवरी के लिए कितने पैसे देने होंगे या देने भी होंगे या नहीं।
शॉपिंग स्टार्ट करे :
        जब आप अपनी शॉपिंग स्टार्ट करे तो जिस आइटम को आप खरीदना चाहते है उसे सर्च बार मे टाइप करे या उसे किसी साइट पर विभिन्न केटेगीरी मे से सर्च करे या फिर आप किसी advertisement पर भी क्लिक करके अपना सामान सिलैक्ट कर सकते है तथा अपना सामान खरीद सकते है । जब आप अपने लिए शॉपिंग करते है तो आप जिस आइटम को पसंद करते है तो आप उस पर क्लिक करके उस आइटम को साफ रूप से विभिन्न तरह से तथा ज़ूम करके देख सकते है जीस्से उस आइटम की आपके दिमाग मे इमेज क्लियर हो जाती है ।
अपना पेमेंट का टाइप सिलैक्ट करे :
        जब आप ऑनलाइन शॉपिंग करते है तो आप अपने पेमेंट का टाइप खुद सिलैक्ट कर सकते है आप चाहे तो क्रेडिट कार्ड के थ्रु या डेबिट कार्ड के थ्रु पेमेंट कर सकते या फिर आप चाहे तो अपना पेमेंट वस्तु की डिलीवरी के समय कैश मे भी कर सकते है । जब आप अपना पेमेंट क्रेडिट या डेबिट कार्ड के द्वारा करते है तो आपके अकाउंट से पैसा तब तक नहीं जाता जब तक की वस्तु की डिलिवरी आपके घर तक नहीं हो जाती ।
अपने ऑर्डर की पुनः जाच करे :
        जब आप अपना ऑर्डर प्लेस कर देते है और आप उस ऑर्डर मे संशोधन करना चाहते है तो आपके पास इसका opection होता है परंतु यह ध्यान रखे की यह संशोधन एक निश्चित समय के भीतर ही किया जाना चाहिए । उस समय मे जब आप ऑर्डर कर देते है और वस्तु आपके घर आ जाती है और आपको वस्तु पसंद नही या फिर आपके साइज़ के हिसाब से वस्तु फिट नहीं है तब भी आप वस्तु चेंज या वापस कर सकते है ।
अपनी शॉपिंग रिसीव करे :
        जब सभी पूर्व प्रोसैस कंप्लीट हो जाती है तब वस्तु आपके घर पहुचती है तथा आप अपनी शॉपिंग किया हुआ आइटम आपने घर पर प्राप्त कर सकते है । जब विक्रेता company सामान डिलीवर करती है है तो यह उसकी ज़िम्मेदारी होती है की डिलिवरी के वक़्त वस्तु का कोई नुकसान नहीं हो या सही वस्तु ग्राहक के घर तक पहुचे । अगर डिलिवरी मे कोई नुकसान या गलती होती है तो इसकी पूर्ण ज़िम्मेदारी विक्रेता या डिलिवरी करने वाली कंपनी की होती है ।
शॉपिंग के बाद ऑर्डर प्लेसमेंट के समय पेमेंट :
        यह ऑनलाइन शॉपिंग की सबसे अच्छी सुविधा है की आप अपना पेमेंट वस्तु की डिलिवरी के समय कर सकते है । अगर ग्राहक पेमेंट डिलिवरी के टाइम करता है तो उसे किसी प्रकार के फ़्रौड का खतरा नहीं होता तथा साथ ही साथ वह व्यक्ति अपना सामान प्राप्त करने के बाद उसे चेक करके पेमेंट कर सकता है।

 

No comments:

Post a Comment

धर्म और समग्र प्रबंधन

  धर्म और समग्र प्रबंधन परिचय धर्म और समग्र प्रबंधन (Holistic Management) का संयोजन एक ऐसी प्रबंधन दृष्टिकोण की ओर इशारा करता है, जो नैत...